
अगस्त 2025 की IGRS रिपोर्ट के मुताबिक बलरामपुर और श्रावस्ती दोनों ने 137 अंक हासिल कर संयुक्त रूप से पहला स्थान पाया है। यह अंक मानक पूर्णांक 140 में से हैं। यह दर्शाता है कि इन जिलों में शिकायत निवारण, विकास कार्यों की मॉनिटरिंग और प्रशासनिक दक्षता में जबरदस्त सुधार हुआ है।
DM श्रावस्ती अजय कुमार द्विवेदी और DM बलरामपुर पवन अग्रवाल के नेतृत्व में जिलों ने प्रशासनिक कसौटियों पर बेहतरीन प्रदर्शन किया है।
दूसरे और तीसरे स्थान पर कौन रहा?
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शाहजहांपुर ने 134 अंक के साथ दूसरा स्थान हासिल किया।
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हमीरपुर ने 132 अंक लेकर तीसरा स्थान पाया।
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पीलीभीत (130 अंक) और सोनभद्र ने भी टॉप 5 में अपनी जगह बनाई।
टॉप टेन में शामिल ये जिले भी रहे आगे
IGRS की समीक्षा रिपोर्ट में बरेली, अमेठी, हाथरस, औरैया और चंदौली जैसे जिलों ने भी टॉप 10 में अपनी जगह बनाई है। इससे साफ है कि सरकारी कार्यों की निगरानी प्रणाली अब ज़मीन पर असर दिखा रही है।
49 विभागों के 109 प्रोग्राम्स पर होती है मासिक निगरानी
हर महीने IGRS के तहत 49 विभागों के 109 कार्यक्रमों की विभिन्न मानकों पर समीक्षा की जाती है। इसमें प्रमुख हैं:
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जन शिकायत निस्तारण

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विकास परियोजनाओं की प्रगति
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राजस्व संबंधी कार्य
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योजनाओं का क्रियान्वयन
DM क्या बोले?
DM बलरामपुर पवन अग्रवाल ने कहा कि “हर हफ्ते अफसरों के साथ बैठक कर प्रगति की समीक्षा की जाती है। शिकायतों का समाधान तभी माना जाता है जब जनता संतुष्ट हो।”
वहीं, DM श्रावस्ती अजय कुमार द्विवेदी ने बताया कि “IGRS रिपोर्ट में स्थान मिलना केवल नंबर नहीं, ये दर्शाता है कि हम जनता के लिए कितने ज़िम्मेदार हैं।”
योगी मॉडल ऑफ गवर्नेंस हो रहा साकार
IGRS जैसी निगरानी प्रणालियों से यूपी में “शिकायत से समाधान” की प्रक्रिया न केवल तेज़ हुई है बल्कि पारदर्शिता और जवाबदेही का नया मानक स्थापित हुआ है। बलरामपुर, श्रावस्ती जैसे जिलों की सफलता बाकी जिलों के लिए भी एक प्रेरणा है।
“Buffer Zone से लेकर NH तक, Manipur में अब No More Tension!”
